फरियाद भी, राहत भी: समाधान दिवस में डीएम ने दिए सख्त निर्देश, योजनाओं से मिली नई उम्मीद
लखीमपुर खीरी।
तहसील मितौली में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस जनसमस्याओं के समाधान और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का जीवंत उदाहरण बना। जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग और मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याएं ध्यानपूर्वक सुनीं और उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान डीएम ने दो टूक कहा कि शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता और समयबद्धता दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आई तो जिम्मेदारी तय की जाएगी। डीएम ने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
समाधान दिवस में कुल 42 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें राजस्व से जुड़ी शिकायतों की संख्या सर्वाधिक रही। डीएम ने भूमि विवादों के मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग को आपसी समन्वय से कार्यवाही करने के निर्देश दिए, ताकि फरियादी को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
समाधान दिवस केवल शिकायतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की झलक भी बना। कार्यक्रम के दौरान तीन गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कराई गई और तीन छह माह के शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत पांच महिलाओं को आर्थिक सहायता के चेक प्रदान किए गए।
डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ शिकायत सुनना नहीं, बल्कि पात्र व्यक्तियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस के माध्यम से जब लाभार्थियों के चेहरे पर मुस्कान आती है, तो यही प्रशासन की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है।
इस अवसर पर सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता, प्रशिक्षु आईएएस मनीषा धारवे, एसडीएम मधुसूदन गुप्ता, पीडी एसएन चौरसिया, डीडीओ गजेंद्र प्रताप सिंह सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे। समाधान दिवस में लोगों को राहत मिलने से माहौल उत्साहपूर्ण नजर आया।
