रजत लॉन नौरंगाबाद में हिंदू सम्मेलन आयोजित, सामाजिक समरसता व संगठन पर वक्ताओं ने रखे विचार
लखीमपुर खीरी।
नगर के नौरंगाबाद स्थित रजत लॉन में आयोजित हिंदू सम्मेलन में समाज की एकता, समरसता, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक जिम्मेदारियों पर विस्तार से मंथन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में विभिन्न वर्गों के लोग, समाजसेवी, धर्माचार्य और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ से किया गया। इसके उपरांत भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत हुई। कार्यक्रम का संचालन प्रमुख समाजसेवी आचार्य संजय मिश्रा ने किया, जबकि सम्मेलन की अध्यक्षता संत आचार्य रमाकांत शुक्ला द्वारा की गई।

सम्मेलन के मुख्य अतिथि लखनऊ से पधारे विश्व हिंदू परिषद के समरसता प्रमुख धर्मेंद्र कुशवाहा रहे। अपने संबोधन में उन्होंने समाज में समरसता और समानता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति सभी को साथ लेकर चलने की सीख देती है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की मजबूती आपसी सम्मान और सहयोग से ही संभव है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. ओंकार भारद्वाज ने वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर अपने विचार रखते हुए कहा कि समाज को संगठित और जागरूक रहना होगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक विघटन से बचने के लिए संवाद और सकारात्मक सोच जरूरी है। उन्होंने युवाओं से समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
मुख्य वक्ता के रूप में सह विभाग प्रचारक अविनाश ने संगठन की भूमिका, सामाजिक अनुशासन और नागरिक कर्तव्यों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती से ही समाज सशक्त बनता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए वृक्षारोपण, जल संरक्षण और तालाबों व सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त कराने की अपील की।
सम्मेलन के समापन सत्र में अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए आचार्य संजय मिश्रा ने कहा कि समाज को एकजुट होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक समस्याओं का समाधान शांति, संवाद और संवैधानिक मार्ग से किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर हरिकृष्ण शास्त्री, राधारमण मिश्रा, दीनानाथ झा, वीरेश वर्मा, सूर्य मणि मिश्रा, मोहिनी, अत्री, गोपाल अग्निहोत्री, आलोक शुक्ल, कमलेश वर्मा, बीरेंद्र शुक्ल, शैलेन्द्र, अभिषेक, ऋषभ मिश्रा, योगेंद्र, विधायक योगेश वर्मा, राजकिशोर वर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने सम्मेलन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में भारत माता की आरती के साथ सम्मेलन का विधिवत समापन किया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक संवाद और जागरूकता को बढ़ावा मिलता है।
