“अब नहीं डराएगा सर्वाइकल कैंसर: 14-15 साल की किशोरियों को मिलेगा मुफ्त टीका”
लखीमपुर खीरी। महिलाओं की जानलेवा बीमारी सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ अब एक मजबूत सुरक्षा कवच तैयार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने 14 से 15 वर्ष आयु की किशोरियों के लिए मुफ्त टीकाकरण अभियान शुरू करने की घोषणा की है, जिसकी शुरुआत 24 मार्च से होगी। इस अभियान का उद्देश्य भविष्य में इस कैंसर के खतरे को लगभग खत्म करना है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि यह टीका किशोरियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि सर्वाइकल कैंसर धीरे-धीरे विकसित होने वाली बीमारी है और समय रहते बचाव ही इसका सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने बताया कि इस अभियान का शुभारंभ जिला महिला चिकित्सालय में होगा, जहां जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में पहला टीका लगाया जाएगा।

कार्यक्रम में सदर विधायक योगेश वर्मा, जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल और सीडीओ अभिषेक कुमार शामिल होंगे। इस आयोजन के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ अधिक से अधिक किशोरियों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनपद को 12 हजार वैक्सीन प्राप्त हुई हैं। टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। डॉक्टरों और नर्सों को विशेष रूप से यह बताया गया है कि टीकाकरण के दौरान और बाद में किन-किन सावधानियों का पालन करना है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रवि सिंह ने बताया कि टीका लगवाने के लिए किशोरियों को पहले U-WIN Portal पर पंजीकरण करना होगा। इसके बाद उन्हें निर्धारित तिथि और स्थान पर टीका लगाया जाएगा। आधार कार्ड के अनुसार आयु की पुष्टि अनिवार्य होगी।
टीकाकरण प्रक्रिया के दौरान किशोरियों को बाएं बाजू में इंजेक्शन लगाया जाएगा। इस टीके की खासियत यह है कि एक ही डोज से 99 प्रतिशत तक सुरक्षा मिलती है। हालांकि निजी अस्पतालों में इसके दो डोज दिए जाते हैं, लेकिन सरकारी योजना के तहत यह पूरी तरह मुफ्त है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह भी बताया कि टीकाकरण के बाद हल्का बुखार या दर्द होना सामान्य है। ऐसे में पैरासिटामोल लेना और बर्फ से सिकाई करना पर्याप्त होता है। टीका लगने के बाद 30 मिनट तक निगरानी में रखा जाएगा ताकि किसी भी तरह की समस्या होने पर तुरंत इलाज किया जा सके।
यह अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव होगा, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
