फाइलेरिया से कुष्ठ तक निर्णायक लड़ाई: सीएमओ की प्रेस वार्ता में स्वास्थ्य अभियानों का रोडमैप
लखीमपुर खीरी।
स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने और आम लोगों को गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से शनिवार को सीएमओ कार्यालय सभागार में एक अहम प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने जिले में चल रहे विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति और आगामी अभियानों की रूपरेखा साझा की।
सीएमओ ने कहा कि सरकार की मंशा है कि कोई भी व्यक्ति इलाज और जानकारी के अभाव में बीमार न रहे। इसी लक्ष्य के तहत फाइलेरिया, कृमि संक्रमण, खसरा-रूबेला और कुष्ठ जैसी बीमारियों के उन्मूलन के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत बांकेगंज ब्लॉक को चिन्हित किया गया है, जहां 10 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक घर-घर दवा वितरण किया जाएगा। स्वास्थ्य कर्मी लोगों को मौके पर ही दवा खिलाएंगे ताकि बीमारी की श्रृंखला को तोड़ा जा सके। सीएमओ ने कहा कि फाइलेरिया धीरे-धीरे शरीर को विकलांग बना देता है, इसलिए इसका समय पर रोकथाम बेहद जरूरी है।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को लेकर सीएमओ ने बताया कि बच्चों में कृमि संक्रमण आम समस्या है, जो कुपोषण और कमजोरी का कारण बनती है। इसे ध्यान में रखते हुए 10 फरवरी को स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर एल्बेंडाजोल दवा खिलाई जाएगी। 13 फरवरी को मॉप-अप अभियान के माध्यम से छूटे हुए बच्चों को कवर किया जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि एमआर टीकाकरण अभियान के तहत 16 फरवरी से 27 फरवरी तक कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को खसरा-रूबेला से बचाव के लिए टीका लगाया जाएगा। यह अभियान बच्चों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सीएमओ ने राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम पर जानकारी देते हुए कहा कि कुष्ठ रोग को लेकर समाज में अब भी कई भ्रांतियां हैं, जबकि सच्चाई यह है कि सही इलाज से यह पूरी तरह ठीक हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि लक्षण दिखने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।
प्रेस वार्ता में डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रमोद वर्मा, डब्ल्यूएचओ के डॉ. विकास सिंह, मलेरिया अधिकारी हरिशंकर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अंत में सीएमओ ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग अकेले यह लड़ाई नहीं लड़ सकता, इसके लिए जनता का सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी से अपील की कि स्वास्थ्य कर्मियों पर भरोसा करें और दवाओं का सेवन अवश्य करें।
